British Council Activity Way to Fitness With Fun

Wednesday, May 25, 2016

योग सही करे जीवन की दिशा

योग सही करे जीवन की दिशा

कहते हैं कि शरीर जितना लचीला हो, उतना अच्छा होता है। शरीर लचीला होने पर रोग आदि भी कम होते हैं, और आप एक्टिव भी बने रहते हैं। आप लचीलेपन को बढ़ाने के लिए योग की मदद ले सकते हैं।

यह तो सभी जानते हैं कि नियमित योग करना सेहत के लिए कितना फायदेमंद और जरूरी होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं योग के माध्यम से आप कमाल का लचीला बदन भी प्राप्त कर सकते हैं। 

शरीर जितना लचीला हो उतना अच्छा होता है। शरीर लचीला होने पर आप हमेशा स्वस्थ तथा ऊर्जावान बने रहते हैं और छोटी मोटी बीमारिया आपको छू भी नहीं पाती। बुढ़ापा आपसे कोसों दूर रहता है। नियमित योग करने से मोटापा दूर होता है और पाचन तंत्र संबंधी रोग नहीं होते। साथ ही हाथों और पैरों का दर्द दूर होकर उनमें सबलता आती है। नियमित व्यायाम और योग से कर लचीला शरीर पा कर गर्दन, फेफड़े तथा पसलियों की मांसपेशियां भी सशक्त होता हैं। शरीर की फालतू चर्बी कम होकर शरीर हलका-फुलका हो जाता है।

शरीर को लचीला बनाने के लिए योग

शरीर को लचीला बनाने के लिए आम आपको कुछ व्यायाम और योग बता रहे हैं। इसकी शुरुआत करने के लिए ज्यादा अच्छा होगा कि आप प्ररम्भ में सिर्फ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का ही अभ्यास करें। फिर निम्न में से कम से कम तीन आसनों का चयन कर उनका नियमित अभ्यास करें। सिर्फ दो माह में परिणाम आपको दिखाई देने लगते हैं। 

प्रतिदिन सुबह उठ कर सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें। कपालभाति और भस्त्रिका के साथ ही अनुलोम-विलोम करें। इसके लिए आप आकर्ण धनुरासन, नटराज आसन, गोमुखासन, हलासन आदि कर सकते हैं।

गोमुखासन

गोमुखासन करने के लिए पहले दंडासन अर्थात दोनों पैरों को सामने सीधे एड़ी-पंजों को मिलाकर बैठ जाएं। अब हाथ कमर से सटे हुए और हथेलियां भूमि टिकी हुई रहें। नजरें सीधे सामने हों। अब बाएं पैर को मोड़कर एड़ी को दाएं नितम्ब के पास रखें, फिर दाहिने पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर एक दूसरे से छुलाते हुए रखें। इस स्थिति में दोनों जंघाएं एक-दूसरे के ऊपर आ जाएंगी और एक त्रिकोणाकार जैसा बन जाएगा। 

अब श्वास भरते हुए दाहिने हाथ को ऊपर उठाकर व दाहिने कंधे को ऊपर खींचते हुए हाथ को पीछे पीठ की तक ले जाएं। साथ ही बाएं हाथ को पेट के पास से पीठ के पीछे से लेकर दाहिने हाथ के पंजें को पकड़े। गर्दन व कमर को सीधी ही रखें। अब एक ओर करने के बाद दूसरी ओर से इसी प्रक्रिया को दोहराएं। फिर कुछ देर बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए हाथों के लाक को खोल दें और क्रमश: पुन: दंडासन की स्थिति में आ जाएं। फिर दाएं पैर को मोड़कर तथा दाहिने हाथ को उपर से पीछे ले जाकर इसे करें तो एक चक्र पूरा होगा।

लेकिन ध्यान रहे कि अगर हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में कोई गंभीर रोग हो तो यह आसन कतई न करें। और जबरदस्ती पीठ के पीछे हाथों के पंजों को पकड़ने का प्रयास न करें।

नटराज आसन

नटराज आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। फिर दाएं पैर को पीछे ले जाकर जमीन से ऊपर उठाएं। इसके बाद उसे घुटने से मोड़कर उस पैर के पंजे को दाएं हाथ से पकड़ें। फिर दाएं हाथ से दाएं पैर को अधिकतम ऊपर की ओर उठाने का प्रयास करें। बाएं हाथ को सामने की ओर ऊपर उठाएं। इस दौरान सिर को ऊपर की ओर उठा कर रखें। अब 3 सेकंड के बाद वापस पहली वाली स्थिति में आ जाएं। फिर इसी क्रिया को दूसरे पैर से करें।

हलासन

हलासन करने के लिए पहले पीठ के बल लेट जाएं अब अपने दोनों हाथों को समानांतर जमीन से सटाकर रखें। अब दोनों पैरों को आपस में मिलाकर रखें व एड़ी व पंजों को भी मिलाकर रखें। इसके बाद दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। हाथों को सीधा जमीन पर ही टिका रहने दें। इस स्थिति में आने के बाद ठोड़ी सीने के ऊपर के भाग (गले की ओर) पर लग जाती है। हलासन की पूरी स्थिति में आ जाने के बाद 8 से 10 सैकेंड तक इसी स्थिति में रहें और सांस को स्वाभाविक रूप से लेते व छोड़ते रहें। इसके बाद फिर वापस सामान्य स्थिति में आने के लिए घुटनों को बिना मोड़े ही गर्दन व कंधों पर जोर देकर धीरे-धीरे पैरों को पुन: अपनी जगह पर लाएं। हो गया हल आसन।

Great

If you cannot do great things, do small things in a great way.
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Tuesday, May 24, 2016

लंबा जीवन जीने का कोई भी शॉर्ट-कट नहीं होता है, इसके लिए स्‍वस्‍थ दिनचर्या के साथ पौष्टिक आहार का सेवन बहुत जरूरी है, इसके साथ तनाव से दूर रहें और खुशहाल जीवन यापन करें।

लंबा जीवन जीने का कोई भी शॉर्ट-कट नहीं होता है, इसके लिए स्‍वस्‍थ दिनचर्या के साथ पौष्टिक आहार का सेवन बहुत जरूरी है, इसके साथ तनाव से दूर रहें और खुशहाल जीवन यापन करें।

योग करें

योग शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है और दवाओं पर आपकी निर्भरता को घटता है।  बहुत सी स्टडीज में साबित हो चुका है कि अस्थमा , हाई ब्लड प्रेशर , टाइप २ डायबिटीज के मरीज योग द्वारा पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं।संक्षेप में कहें तो योग केवल शारीरिक व्यायाम करने या रोगों को दूर करने वाली क्रिया नहीं है बल्कि जीवन को बेहतर बनाने वाली एक जीवन पद्यति है |

पानी को दोस्‍त बनायें

अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह पाचन तंत्र को तो ठीक रखता ही है, साथ ही शरीर से टॉक्सिन्स को निकालकर आपको स्वस्थ रखता है। इसलिए नियमित रूप से कम-से-कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। कहीं बाहर जायें तो अपने साथ पानी की बॉटल लेकर जायें, सर्दियों में भी पानी पीना कम न करें।

सुबह की सैर है जरूरी

स्‍वस्‍थ रहने और लंबी उम्र के लिए सुबह की सैर बहुत जरूररी है। सुबह के समय सूरज की किरणें और स्वच्छ हवा बहुत लाभदायक होती है। सुबह के समय सूरज की किरणों से निकलने वाला विटामिन डी हमारे शरीर और सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। इससे आपका दिल भी स्‍वस्‍थ रहता है।

हंसना है जरूरी

कहते हैं कि हंसना अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है, और हंसकर उम्र भी बढ़ाया जा सकता है। हंसने से हमारा मन तो खुश रहता ही है, तनाव भी दूर हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि लंबी उम्र के लिए लॉफिंग थेरेपी सबसे अच्छा उपचार है। अगर आप अकेले नहीं हंस पा रहे हैं तो इसके लिए कोई भी लॉफिंग क्लब ज्वॉइन कर सकते हैं, ताकि आप दिल खोलकर हंस सकें और अपनी सेहत को भी अच्छा रख सकें।

Alone

Alone we can do so little; together we can do so much.
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Sunday, May 22, 2016

बच्चों के लिए योग के फायदे 

बच्चों के लिए योग के फायदे 

योग बच्चों को अधिक से अधिक सक्रिय बनाता है। इतना ही नहीं उनका शरीर अधिक लचीला बनता हैं।

योग से बच्चों का इम्‍यून सिस्टम मजबूत होता है और इससे वे बीमारियों से बच पाते हैं।

बच्चों के रोजाना योग करने से उनका काम के प्रति ध्यान केंद्रित होता है और बच्चों के मस्तिष्क का विकास भी सही रूप में होता है।बच्चों को एक्टिव बनाने और आत्मविश्वास बढ़ाने में योगा बहुत ही उपयोगी हैं।

बच्चों को फिट रखने और मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए योगा फायदेमंद है।

सूर्य नमस्कार, मेडीटेशन और योगासन से चंचल बच्चों का मन शांत होता है।योगासन से बच्चे तनावग्रस्त होते हैं और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचते हैं।योग के जरिए जिद्दी बच्चों को ठीक किया जा सकता है और जिन बच्चों को बहुत गुस्सा आता हैं उनके गुस्से को नियंत्रि‍त करने में योग बहुत लाभदायक है।

सकारात्मक सोच और बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए बच्चों को योग करवाना चाहिए।       
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News

Today News Published in Delhi Vaibhav Newspaper 🙏 www.sdpsyoga.blogspot.com

Success

Success is nothing more than a few simple disciplines, practiced every day.
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Saturday, May 21, 2016

कमर दर्द से राहत पाने के लिए योग

कमर दर्द से राहत पाने के लिए योग

आजकल की बिजी लाइफ में कमर दर्द होना एक आम बात है। दिन भर ऑफिस में कंप्यूटर के सामने बैठने से आपको कमर दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दर्दनिवारक दवा लेना खतरनाक हो सकता है। इसलिए योग द्वारा आप कमर दर्द से निजात पा सकते हैं, आइए जानें कमर दर्द के लिए योग आसन।

🛐चक्रासन

अपनी बाजुओं को शरीर के पास रखते हुए पीठ के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़ें और पैरों को फर्श पर नितंबों के पास रखें। बाजुओं को सिर के ऊपर उठाएं और फर्श पर दोनों कंधों के पास हथेलियों को रखें। उंगलियां शरीर की ओर होंगी और कोहनियां ऊपर की तरफ। पूरे शरीर को ऐसे ऊंचा उठाएं कि केवल हाथ और पैर ही फर्श पर हों। हाथों को पैरों के पास लाने की कोशिश करें। फर्श की ओर देखें। सामान्य सांस के साथ इसी स्थिति में बने रहे और फिर प्रारंभिक स्थिति में लौट आएं।

🛐उत्कटासन

सीधे खड़े होकर, पैरों में 10 से 12 इंच का अंतर रखें। ताड़ासन करते हुए दोनों हाथों को सामने फैलाकर हथेलियों का रूख भूमि की ओर रखें। शरीर को बिलकुल सीधा रखकर धीरे-धीरे झुककर कुर्सी पर बैठने जैसी स्थिति बनाएं। यह आसन दोनों हाथ कमर पर रखकर भी किया जा सकता है। 15 सेकंड से आरंभ कर तीन मिनट तक किया जा सकता है।

🛐धनुरासन

पेट के बल लेट जाएं फिर घुटनों को मोड़ें। अपने दोनों हाथों से एड़ियों को पकडें और सिर और छाती को ऊपर उठाएं, सांस छोड़ते हुए आसन छोड़ें। इस आसन को पांच से छह बार करें।

इन योग की मदद से कमर दर्द से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता हैं। लेकिन इन योग आसन को करने से पहले किसी एक्‍सपर्ट से सलाह जरूर लें। 
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पंखों

पंखों पे विश्वास नहीं वो परिंदा क्या।चरणों पे विश्वास नहीं वो चरिंदा क्या।सांस लेने का नाम ही ज़िन्दगी नहीं है।अपने आप पे विश्वास नहीं वो ज़िंदा क्या।                                                  
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Friday, May 20, 2016

ख़ुशी के लिए योग

🛐खुशी के लिये करें योग

बेहद तेज दौड़ती इस दुनिया में आज हर कोई व्‍यस्‍त है, हर किसी की जिंदगी में भागमभाग सी मची है। ऐसे में लोग खुश रहना तो चाहते हैं लेकिन समझ नहीं पाते हैं कि किस तरह खुद को खुश रखें। पैसों से न खरीदी जा सकने वाली खुशी सेहत के लिये अमृत समान होती है। तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आप खुश कैसे रह सकते हैं। योग, एक ऐसा तरीका है जिससे आप खुश रह सकते हैं।

🛐कई शोध साफ कर चुके हैं कि नियमित योग करने से आपके आयु बढ़ाती है। तो शायद आपको लगता होगा कि ऐसा भला कैसे संभव है। तो आपको बता दें कि योग करने से शरीर एंटी-बॉडी का निर्माण करता है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। और स्वस्थ तन स्वस्थ मन की पहली निशानी होती है।  
🛐योग करने से मूड अच्‍छा होता है। ऐसा इसलिये क्योंकि योग से रक्त संचार बेहतर होता है और दिमाग रिफ्रेश हो जाता है।

🛐योग करने से आत्‍म-संयम भी बढ़ता है। और जीवन में सफलता पाने और विषम परिस्थितियों में सही निर्णय लेने के लिये के लिये आत्मसंयम बेहद आवश्यक होता है। इससे धन और स्थिति में सुधार होता है और आपकी सोच भी सकारात्‍मक बनती है।

🛐योग करने से शरीर का आकार बेहतर होता है। इससे आपका शरीर चुस्त, खूबसूरत और जवां दिखता है। जो लोग अपनी उम्र को लेकर ज्‍यादा कॉन्‍शियस रहते हैं उन्हें खुश रहने के लिये योग जरूर करना चाहिये।

🛐नियमित योग-ध्यान आदि करने से त्‍वचा में कांति आती है। क्‍योंकि नियमित व्यायाम से ब्‍लड़ सर्कुलेशन अच्‍छा रहता है ओर त्‍वचा स्‍वस्‍थ रहती है और उसमें अंदरूनी चमक आती है। जिससे आपका आत्मविश्वास मजबूत रहता है और आप ज्यादा खुश रह पाते हैं। 

🛐योग करने से मन शांत व शरीर संयमित बनता है और आप रिलैक्‍स महसूस करते हैं। एक्‍सरसाइज करने से आपका ध्‍यान सारी इधर-उधर व्यर्थ की बातों में न भटकते हुए एकाग्रता प्रप्त करता है
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Value

I learned the value of hard work by working hard.
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